अचानक होने वाले रोगों के उपाय और घरेलू नुस्खे

बहुत बार ऐसा होता है की हमे पता भी नही चलता है और कोई अचानक होने वाले रोगों के उपाय आज का आर्टिकल हमने अचानक होने वाले रोगों के घरेलू उपाय बताये है लेकिन अचानक होने वाले रोग तो बहुत हो

सकते है लेकिन हमने सिर्फ जलने और अचानक मूर्छा होने के बारे में बताया है इस पोस्ट को आप पूरा पढके इन रोगों से बच सकते है! chai se jalne par kya kare

आग से जलने पर उपाय

अगर शरीर का कोई भाग आग से जल जाता है तो हमारे शरीर को जलन लगने लगती है यह एक बहुत बड़ी समस्या है इसके उपचार के लिए हमें कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाना जरूरी है जोकि हमारे शरीर को ठंडक

पहुंचाते हैं जिससे जलन कम हो जाती है इसके लिए हमें कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाना चाहिए जैसे कि आग में जले हुए स्थान पर तुरंत ही चुनने का नितारा पानी और नारियल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से जलन को ठंडक पड़ती है!

और फफोले नहीं उठते इस नुस्खे को दिन में दो-तीन बार अपनाने से शरीर को ठंडक पहुंचती है और बेचैनी नहीं होती इसके अतिरिक्त हमें एक और नुस्खा यह अपनाना चाहिए जिससे शरीर को ठंडक पहुंचती है जले

हुए स्थान पर कच्चा आलू पीसकर लगा लेना चाहिए अगर तेज धूप हो या लु में हमारी त्वचा जलने लग जाए तो हमें आलू के रस को निकाल कर उसे लगाने से लाभ मिलता है!

कच्ची गाजर को पीसकर उसके रस को लगाने से भी तुरंत लाभ मिलता है जले हुए स्थान पर ग्वारपाठे की गिरी बांधने से फफोले नहीं पड़ते और शीघ्र ही शरीर को ठंडक पहुंच जाती है इसके अतिरिक्त पैर में छाले

पड़ना पैर में छाले पड़ने से हमारे चलने में कठिनाई आती है यह छाले हमारे पैर में नए जूते पहनने से पड़ जाते हैं और घाव हो जाता है!

इसके उपचार के लिए हमें कुछ घरेलू नुस्खा को अपनाना जरूरी है जामुन की गुठली को पानी में घिसकर लगाने से छाले ठीक हो जाता है इसके लिए हमें पैर में छाले पड़ने पर मेहंदी भी लगा सकती हैं 

अचानक मूर्छा होने पर उपाय

मूर्छा आ जाना या बेहोशी होना यह एक बहुत बड़ी समस्या है यह हमें कभी भी आ सकती है जब हमें अचानक बड़ी घटना घट जाती है और चिंता होती है या घबराहट हो जाता है गर्मी हो जाती है अत्यधिक

परिश्रम करने से भी हमें मूर्छा आ जाती है और हम गिर जाते हैं इसके उपचार के लिए कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाना जरूरी है!

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अगर किसी व्यक्ति को मूर्छा आ जाती है या बेहोशी हो जाती है तो हमें तुरंत ही उसके मुख पर ठंडे पानी के छींटे मार देनी चाहिए या सिर्फ ठंडा पानी डाल देना चाहिए और उसे हवा में रखें और प्याज के रस को छान कर नाक के दोनों छिद्रों में दो-दो बूंद डाल दें इससे बेहोशी दूर हो जाती है!

संपूर्ण शरीर पर मीठे तेल की मालिश भी कर देनी चाहिए जिससे शरीर को राहत मिलती है और बेहोशी नहीं रहती बेहोशी का होना एक चिंता का विषय है इसके होने पर व्यक्ति अकेला नहीं रह सकता उसे भय रहता है

कि उसे कभी भी मूर्छा आ सकती हैं इससे परिजनों को भी इसकी चिंता रहती है उसे वह भी अकेला नहीं छोड़ सकते इसलिए यह एक गंभीर समस्या है! इसका उपचार होना जरूरी है

तेजाब से जलने पर नुस्खे

बुझे हुए चूने का पानी और नारियल का पानी और आधा कप समान मात्रा में लेकर उसे कांच की शीशी में भर लें चाहिए तथा इसमें एक ग्राम पिपरमेंट व 1 ग्राम भीमसेन कपूर मिलाकर खूब उबाले इसके बाद इस

घोल को तेजाब से जले स्थान पर दिन में तीन-चार बार लगाने से जलन भी शांत हो जाती है साथ ही घाव की संभावना भी कम हो जाती है

आज के पोस्ट के बारे में

आज के पोस्ट में हमने अचानक होने वाले रोगों के उपाय के बारे में बताया है जेसे तेजाब और आग से जल जाना और मूर्छा या बेहोसी हो जाना इस पोस्ट में बताये गये नुस्खो को जरुर अपनाये अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा तो  आप हमारे पोस्ट के बारे में कमेन्ट और शेयर भी करे राम जी राम

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